Wednesday, 2 September 2020

Major Tribes of the world विश्व की प्रमुख जनजातियां

 

Major Tribes of the world विश्व की प्रमुख जनजातियां

Major Tribes of the world विश्व की प्रमुख जनजातियां
जनजातिया वास्तव में जैविक समूह का नहीं वरन सामाजिक व सांस्कृतिक समूह है का प्रतिनिधित्व करती है। जनजाति लोगों का वह समूह है जो सामाजिक रीति-रिवाजों एवं सांस्कृतिक परंपराओं द्वारा एक दूसरे से घनिष्ठ रूम से संबंधित है। 
विश्व की प्रमुख जनजातियां 
‌ध्रुवीय ठंडे प्रदेशों के निवासी - एस्किमो, सैमोयड्स जनजाति।
‌ विषुवत सघन वनों के निवासी- पिग्मी, सेमांग, सकाई जनजाति। 
‌ उष्ण व शुष्क कालाहारी मरुस्थल के निवासी- बुशमैन जनजाति। 
‌ उष्ण कटिबंधीय घास क्षेत्र के निवासी- मसाई व बद्दू जनजाति। 
‌ समशीतोष्ण कटिबंधीय घास के निवासी खिरगीज जनजाति। 
‌ दुर्गम पहाड़ी व पठारी क्षेत्रों के निवासी- भील, गौंड, संथाल, मीणा नागा व अन्य जनजातियां। 

एस्किमो जनजाति (Eskimo Tribes) 
एस्किमो जनजाति मंगोल पर जाति से संबंधित है।
एस्किमो का अर्थ "कच्चा मांस खाने वाला तथा बर्फीले प्रदेश का निवासी" 
कार्य- आखेट, मछली पकड़ना व संग्रहण 
निवास क्षेत्र- आर्कटिक तथा टूण्ड्रा प्रदेश, अलास्का से लेकर बेरिंग जल डमरूमध्य तक इनका विस्तार है।यह अलास्का कनाडा ग्रीनलैंड व उत्तरी साइबेरिया क्षेत्र में भी रहते हैं। उत्तरी साइबेरिया में सैमोयड्स, याकूत, चकती व तुंग नाम से जाना जाता है। 

आर्थिक क्रिया-कलाप  
शिकार करना एस्किमो के जिविकोपार्जन का एकमात्र साधन है। यह शीतकाल ग्रीष्म काल और बसंत काल में अलग अलग तरीके से आखेट करते हैं। 
शीतकालीन आखेट- यह लोग कच्चा मांस के रूप में सील, ह्वेल, सी लॉयन, धुर्वीय भालू ,अन्य जीव खाते हैं। माऊ पाक व इतुरपाक। बसंत कालीन आखेट को उतोक कहा जाता है।
माउपाक - एस्किमो द्वारा शीत ऋतु में सील मछली जब बर्फ में बने छिद्रों में श्वसन लेने आती है तब इनके द्वारा रखी हड्डी की छड़ हिल जाती है तो अपने हथियार हारफून से सील मछली का शिकार करते हैं, इसे माउपाक कहते हैं। माउपाक का शाब्दिक अर्थ "प्रतीक्षा करना" होता है। 
इतुरपाक- एस्किमो द्वारा शीत ऋतु बर्फ में शिकारियों द्वारा दो छिद्र बनाये जाते हैं।एक छिद्र से एक व्यक्ति सील को चारा डाल कर बुलाता है तथा दूसरे छिद्र में दूसरा व्यक्ति संकेत मिलने से हारफून से शिकार कर लेता है। 
बसंत कालीन आखेट- 
उतोक- मार्च महीने में सील मछलियां श्वसन लेने हेतु बाहर धूप सेकने लगती है तो उनका शिकार कर लिया जाता है बसंत कालीन आखेट को उतोक कहते हैं। यह शिकार कुत्तों की मदद से किया जाता है।
कयाक - वसंत ऋतु में चमड़े से बनी नाव परिवहन के काम आती है जो 5 मीटर लंबी और 1.5 मीटर चौड़ी होती है, जिसे कयाक कहते हैं। 
कैरिबो- बारहसिंगा 
एस्किमो जनजाति के लिए सील मछली का उपयोग - खाने के लिए मांस, कपड़े बनाने के लिए खाल, तंबू बनाने के लिए खाल, ईंधन के लिए चर्बी, स्लेज गाड़ी बनाने के लिए हड्डियां, धागे के रूप में तांत प्राप्त होती है। सील मछली चर्बी अन्य जीवों की तुलना में अधिक देर तक चलती है और अधिक ताप भी देती है। 
‌भोजन 
यह लोग कच्चा मांस के रूप में सील, ह्वेल, सी लॉयन, धुर्वीय भालू ,अन्य जीव खाते हैं। 
‌ वस्त्र 
‌ एस्किमो के वस्त्र मुख्यतः केरिबो की खाल से बने होते हैं। जो सील मछली की खाल की अपेक्षा अधिक गर्म हुए वजन में हल्के होती हैं। ध्रुवीय भालू की खाल से समूर और वस्त्र स्त्रियों द्वारा बनाए जाते हैं। स्त्री और पुरुष के वस्त्र एक समान होते हैं।
 तिमियाक एस्किमो जर्सीनुमा बांहदार वस्त्र को तिमियाक कहते हैं।
अनोहक - तिमियाक के ऊपर पहने जाने वाले कपड़े को अनोहाक कहते हैं।
कार्मिक या मुक्लुक्स - सील की खाल से बने जूते। 
‌ यंत्र व उपकरण 
ऊमियाक - बड़ी नाव जो ह्वेल मछली के शिकार के दौरान काम में ली जाती है। 
हारफून - सील मछलियों के शिकार के लिए प्रयुक्त 1.2 से 1.5 मीटर लंबा भालानुमा हथियार जो रस्सी से बंधा होता है। 
‌ स्लेज - बर्फ पर चलने वाली बिना पहिए की गाड़ी जिसे कुत्ते और रेण्डियर खींचते हैं।

समाज व संस्कृति 
आदिम ढंग से जीवन यापन करते हुए छोटे-छोटे समूह में रहकर घूमाकड़ जीवन बिताते हैं। इनमें बहू पत्नी प्रथा प्रचलित है। ये एल्युट भाषा बोलते हैं। कठोर शीत ऋतु में भोजन की कमी के कारण बूढ़े व्यक्ति व अशक्त व्यक्ति आत्महत्या करते हैं।

वातावरण समायोजन
इग्लू - एस्किमो बर्फ से निर्मित घर को इग्लू कहते हैं। स्लेज गाड़ी बनाने के लिए वालरस की हड्डी प्रयुक्त की जाती है। 
इगलू हाउस का वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें https://youtu.be/3XnDNFk3W30




Friday, 28 August 2020

Human Geography nature and scope मानव भूगोल

 मानव भूगोल प्रकृति व विषय क्षेत्र Human Geography nature and scope 


मानव भूगोल का अर्थ एवं परिभाषा  
भूगोल पृथ्वी को मानव का घर समझते हुए उन सभी तत्वों का अध्ययन करता है जिन्होंने मानव को पोषित किया है। इसमें प्रकृति और मानव के अध्ययन पर जोर दिया जाता है। यह दोनों अविभाज्य तत्व है और इन्हें समग्रता की साथ देना चाहिए।
भूगोल को मुख्यतः दो भागों में बांटा जा सकता है। भौतिक भूगोल और मानव भूगोल
भौतिक भूगोल
भौतिक भूगोल भौतिक पर्यावरण का अध्ययन करता है।
मानव भूगोल
मानव भूगोल भौतिक पर्यावरण व सांस्कृतिक पर्यावरण के बीच संबंध, माननीय परिघटनाओं के स्थानिक वितरण एवं संसार के विभिन्न भागों में सामाजिक और आर्थिक विविधताओं का अध्ययन करता है।
इस कविता के माध्यम से मानव भूगोल और उसके क्षेत्र को समझा जा सकता है:-
"मानव भूगोल में मानवीय तथ्यों का अध्ययन आता है। यह मानव पर्यावरण के मध्य अंतर संबंधों को बताता है।।
कृषि, पशुपालन, उद्योग, व्यवसाय किए जाते हैं।
परिवहन, संचार और व्यापार इसके अंदर आते हैं।"
मानव भूगोल का प्रादुर्भाव और विकास मुख्य थे 18वीं शताब्दी में माना जाता है।
आधुनिक मानव भूगोल के जन्मदाता जर्मन भूगोलवेत्ता फैडरिक रेटजेल ने अपनी पुस्तक एंथ्रोपॉ जियोग्राफी के अनुसार:- "मानव भूगोल मानव समाज और धरातल के बीच संबंधों का संश्लेषित अध्ययन है।" 
रेटजेल की शिष्या और प्रसिद्ध अमेरिकन भूगोलवेत्ता (नियतिवाद समर्थक) एलन सैंपल के अनुसार :- "मानव भूगोल चंचल मानव और अस्थाई प्रति के पारस्परिक परिवर्तनशील संबंधों का अध्ययन है।"
संभववाद के जन्मदाता फ्रांसीसी भूगोलवेता विडाल डी ला ब्लाश के अनुसार "मानव भूगोल पृथ्वी और मानव के पारस्परिक संबंधों को एक नया विचार देता है। जिसमें पृथ्वी को नियंत्रित करने वाले भौतिक नियमों तथा पृथ्वी पर निवास करने वाले जीवो के पारस्परिक संबंधों का अधिक संश्लिष्ट ज्ञान शामिल है।"
डिकेन और पिट्स के अनुसार मानव भूगोल :- "मानव और उसके कार्यों को समाविष्ट किया है।"

परिभाषाओं का सारांश
मानव भूगोल में विज्ञान है जिसमें पृथ्वी के विभिन्न क्षेत्रों में मानव समूहों के प्राकृतिक और सांस्कृतिक वातावरण की शक्तियां प्रभाव व प्रतिक्रियाओं के पारस्परिक संबंधों और स्थानिक संगठन का अध्ययन मानवीय प्रगति के उद्देश्यों से प्रादेशिक आधार पर किया जाता है।

Wednesday, 25 December 2019

Major Tribes of the world विश्व की प्रमुख जनजातियां

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